मेदिनीनगर/चैनपुर। पलामू जिले के कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय, चैनपुर में कार्यरत शिक्षिका भारती पांडे के मामले ने गंभीर मोड़ ले लिया है। शिक्षिका के पति एवं झारखंड पुलिस के जवान मुकेश कुमार तिवारी ने जिला शिक्षा पदाधिकारी (डीईओ) कार्यालय के अधिकारियों और कर्मियों पर समय पर मातृत्व अवकाश स्वीकृत नहीं करने, कथित रूप से रिश्वत मांगने तथा लापरवाही बरतने का आरोप लगाते हुए मेदिनीनगर शहर थाना में प्राथमिकी दर्ज करने के लिए आवेदन दिया है।
लेस्लीगंज थाना क्षेत्र के राजोगाड़ी (जगतपुरवा) निवासी मुकेश तिवारी ने अपने आवेदन में कहा है कि उनकी पत्नी भारती पांडे गर्भवती थीं और उन्होंने विभागीय नियमों के तहत 3 जुलाई 2026 को मातृत्व एवं शिशु देखभाल अवकाश के लिए आवेदन दिया था। आरोप है कि लगभग एक माह तक लगातार जिला शिक्षा पदाधिकारी कार्यालय के चक्कर लगाने के बावजूद अवकाश स्वीकृत नहीं किया गया।
मुकेश तिवारी ने आरोप लगाया है कि डीईओ कार्यालय के दो कर्मियों ने अवकाश स्वीकृत कराने के बदले ₹50,000 की मांग की। उन्होंने दावा किया कि इस संबंध में पलामू के उपायुक्त को भी जानकारी दी गई थी। उनके अनुसार उपायुक्त द्वारा मौखिक रूप से अवकाश स्वीकृत करने का निर्देश दिए जाने के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं हुई।
परिजनों के मुताबिक, अवकाश स्वीकृति की गुहार लेकर जब शिक्षिका पुनः जिला शिक्षा पदाधिकारी कार्यालय पहुंचीं, तभी उन्हें अचानक प्रसव पीड़ा शुरू हो गई। इसके बाद उन्हें तत्काल मेदिनीनगर स्थित सोना नर्सिंग होम में भर्ती कराया गया, जहां चिकित्सकों ने बताया कि गर्भ में ही शिशु की मृत्यु हो चुकी थी। हालांकि समय पर चिकित्सा मिलने से शिक्षिका की जान बच गई।
मुकेश तिवारी का कहना है कि यदि उनकी पत्नी को समय पर मातृत्व अवकाश मिल जाता, तो इस दुखद घटना को टाला जा सकता था। उन्होंने जिला शिक्षा पदाधिकारी संदीप कुमार तथा कार्यालय कर्मी ईश्वरी दयाल राम और अरुण कुमार गिरी के विरुद्ध निष्पक्ष जांच कर प्राथमिकी दर्ज करने और कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है।
घटना के बाद परिजनों और स्थानीय लोगों में आक्रोश है। उन्होंने मामले की उच्चस्तरीय जांच, दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई, पीड़ित शिक्षिका को न्याय तथा भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय करने की मांग की है।
नोट: यह समाचार पीड़ित पक्ष द्वारा दिए गए आवेदन एवं लगाए गए आरोपों पर आधारित है। आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हो सकी है। संबंधित जिला शिक्षा पदाधिकारी एवं अन्य अधिकारियों का पक्ष प्राप्त होने पर उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।
न्यूज डेस्क। बिंदास पलामू

