जर्मनी के उत्तरी शहर स्टाडे में सोमवार को एक यूथ वेलफेयर फैसिलिटी में हुई गोलीबारी की घटना में पांच लोगों की मौत हो गई, जबकि कई अन्य घायल हो गए। घटना के बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दो संदिग्धों को गिरफ्तार कर लिया है, जिनमें मुख्य आरोपी भी शामिल बताया जा रहा है।
पुलिस के अनुसार, घटना एक ऐसे यूथ वेलफेयर सेंटर में हुई जहां अनाथ बच्चों और किशोरों की देखभाल, सुरक्षा और पुनर्वास की व्यवस्था की जाती है। गोलीबारी के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई और बड़ी संख्या में पुलिस एवं आपातकालीन सेवाओं की टीम मौके पर पहुंची।
अधिकारियों ने बताया कि स्थिति अब पूरी तरह नियंत्रण में है और पूरे परिसर को सुरक्षित कर दिया गया है। फिलहाल आम लोगों के लिए किसी प्रकार का खतरा नहीं है, हालांकि एहतियात के तौर पर लोगों से घटनास्थल के आसपास जाने से बचने की अपील की गई है।
पुलिस हमले के पीछे के कारणों की जांच कर रही है। अभी तक गोलीबारी के मकसद को लेकर कोई आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है।
गौरतलब है कि जर्मनी में इस तरह की गोलीबारी की घटनाएं बेहद कम देखने को मिलती हैं। इसका प्रमुख कारण देश के सख्त हथियार कानून हैं। जर्मनी में बंदूक रखने के लिए लाइसेंस लेना अनिवार्य है। इसके लिए आवेदक को प्रशिक्षण, परीक्षा और जिम्मेदार नागरिक होने का प्रमाण देना पड़ता है, साथ ही हथियार रखने का वैध कारण भी बताना होता है।
जर्मन सरकार के आंकड़ों के अनुसार, लगभग 8.3 करोड़ की आबादी वाले देश में करीब 9.29 लाख लोगों के पास वैध हथियार लाइसेंस है। इनके नाम पर 30 लाख से अधिक बंदूकें पंजीकृत हैं।
पुलिस मामले की विस्तृत जांच कर रही है और घटना से जुड़े सभी पहलुओं की पड़ताल की जा रही है।
(बिंदास पलामू न्यूज डेस्क)

