काशी, जिसे वाराणसी और बनारस के नाम से भी जाना जाता है, दुनिया के सबसे प्राचीन निरंतर बसे हुए शहरों में से एक मानी जाती है। वाराणसी का इतिहास हजारों वर्षों पुराना है और यह केवल एक शहर नहीं, बल्कि आस्था, संस्कृति और अध्यात्म का केंद्र है।
हिंदू मान्यताओं के अनुसार, जब सृष्टि का निर्माण हुआ, तब भगवान भगवान शिव ने पृथ्वी पर एक ऐसे स्थान की स्थापना की, जो उनकी प्रिय नगरी बने। उन्होंने काशी को अपने त्रिशूल पर धारण किया और इसे अपना शाश्वत निवास बनाया। इसी कारण काशी को “शिव की नगरी” कहा जाता है।
कहा जाता है कि काशी कभी नष्ट नहीं होती। प्रलय के समय भी भगवान शिव इसे अपने त्रिशूल पर सुरक्षित रखते हैं। इसी विश्वास के कारण इसे “अविमुक्त क्षेत्र” कहा जाता है, अर्थात वह स्थान जिसे शिव कभी नहीं छोड़ते।

