लेस्लीगंज (पलामू)। देश की सेवा में समर्पित सीआरपीएफ के जवान नागेंद्र कुमार सिंह का लंबी बीमारी के बाद दिल्ली स्थित नारायणा अस्पताल में निधन हो गया। वे सीआरपीएफ की 55वीं बटालियन में कार्यरत थे और पिछले काफी समय से लीवर एवं किडनी संबंधी गंभीर बीमारी से जूझ रहे थे। शुक्रवार को जब उनका पार्थिव शरीर तिरंगे में लिपटकर उनके पैतृक गांव तुर्काडी पहुंचा तो पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई।
वीर जवान के अंतिम दर्शन के लिए गांव सहित आसपास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में लोग पहुंचे। तिरंगे में लिपटे पार्थिव शरीर को देखकर परिजनों और ग्रामीणों की आंखें नम हो गईं। पूरे गांव में शोक और गर्व का भाव एक साथ देखने को मिला।
सीआरपीएफ की 172वीं बटालियन, गढ़वा से पहुंचे अधिकारियों एवं जवानों ने दिवंगत जवान को पूरे सैन्य सम्मान के साथ अंतिम विदाई दी। जवानों ने पार्थिव शरीर को कंधा दिया तथा अंतिम सलामी देकर श्रद्धांजलि अर्पित की। इस दौरान “भारत माता की जय” और “नागेंद्र कुमार सिंह अमर रहें” के नारों से वातावरण गूंज उठा।
मौके पर मौजूद सीआरपीएफ के वरिष्ठ अधिकारियों ने शोक संतप्त परिवार से मुलाकात कर संवेदना व्यक्त की। अधिकारियों ने दिवंगत जवान की पत्नी को श्राद्ध कर्म के लिए तत्काल एक लाख रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की तथा आश्वासन दिया कि केंद्र सरकार और सीआरपीएफ की ओर से मिलने वाली सभी वैधानिक सुविधाएं एवं आर्थिक लाभ नियमानुसार परिवार को उपलब्ध कराए जाएंगे।
दिवंगत जवान अपने पीछे पत्नी और तीन नाबालिग बच्चों को छोड़ गए हैं। उनकी बड़ी पुत्री 14 वर्ष, पुत्र 12 वर्ष तथा छोटी पुत्री 9 वर्ष की है। उनके पिता स्वर्गीय लखन सिंह का भी पहले ही निधन हो चुका है। ऐसे में परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है।
अंतिम संस्कार में कांग्रेसी नेता रुद्र शुक्ला, लेस्लीगंज थाना पुलिस, सीआरपीएफ के अधिकारी एवं जवानों के अलावा सैकड़ों ग्रामीण और बड़ी संख्या में महिलाएं उपस्थित रहीं। पूरे राजकीय सम्मान और सैन्य परंपराओं के साथ वीर जवान का अंतिम संस्कार किया गया।
देश की रक्षा में अपना जीवन समर्पित करने वाले वीर सपूत नागेंद्र कुमार सिंह को क्षेत्रवासियों ने भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। उनका योगदान सदैव याद किया जाएगा।
जय हिंद।
न्यूज डेस्क। बिंदास पलामू

